मैनाटाड़ प्रखंड के सकरौल और मधुरी पंचायत मे मनरेगा योजना मे फर्जी हाजिरी का हुआ पर्दाफाश।*
*इस खेल में मनरेगा कार्यालय से लेकर रोजगार सेवक की अहम भूमिका।*
न्यूज़ 9 टाइम्स पश्चिमी चंपारण मैनाटांड से बिहार प्रभारी की ब्यूरो रिपोर्ट
पश्चिमी चंपारण जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण योजना गारंटी योजना मनरेगा भ्रष्टाचार की नई भेंट चढ़ रही है वहीं केंद्र सरकार के द्वारा इस योजना में पारदर्शिता लाने के लिए रेटिना के द्वारा हाजिरी प्रणाली शुरू की थी ताकि फर्जी वाड़े पर लगाम लग सके, लेकिन भ्रष्टाचारियों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया।
मामला पश्चिमी चंपारण के मैनाटाड़ प्रखंड सकरौल और मधुरी पंचायत का है यहां मजदूरों को बुलाकर बिना काम कराए सिर्फ फोटो खींचकर हाजिरी बनाई जा रही है जबकि नियम कहता है हाजिरी लाइव रेटिना स्कैन से होनी चाहिए वही एनएमएस पोर्टल पर बिना काम कराए हुए मजदूरों के फोटो अपलोड कर भुगतान किया जा रहा है।
https://youtu.be/HXKONK54sRE
वही इस पंचायत के स्थानीय लोगों का कहना है कुछ लोग आते हैं और फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं इससे स्पष्ट हो रहा है जिला स्तर के आईटी सेल और निगरानी अधिकारियों की असफलता को दर्शाता है।एनएमएस पोर्टल पर उपलब्ध डाटा इस फर्जीवाड़े की गवाही दे रहा है। आश्चर्यचक की बात तो यह है कि कई महिला मजदूरों की हाजिरी घर बैठे ही बनाई जा रही है।
अगर इन दोनों पंचायत की कार्य की बात करें तो -
*सकरौल पंचायत*
*मधुरी पंचायत*
कार्य का नाम-पकुहवा मे हनुमान प्रसाद के खेत से रामचंद्र पासवान के खेत तक पइन सफाई कार्य, और दूसरा योजना-अतिउलाह मियाँ से सायफन से लेकर कुरशाह नदी तक पोइन सफाई कार्य,
इन दोनों योजना मे 42 मजदूरों का बनाई जा रही है, जिसका मस्टर रोल इस प्रकार है....521 से 896 तक है। इससे स्पष्ट हो रहा है की मनरेगा योजना के विश्वनिता को कटघरे मे खड़ा कर रहा है। वही इस योजना में प्रदर्शिता लाने के बजाय इस योजना को कमाई का एक स्रोत मान बैठे हैं। #news9times





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