*मैनाटाड़ प्रखंड के सुखलहि पंचायत मे  मनरेगा योजना मे लाखो की घोटाले का हुआ पर्दाफाश।*

*NMMS ऐप बना घोटाले का डिजिटल हथियार!*

न्यूज़ 9 टाइम्स पश्चिम चंपारण से बिहार प्रभारी की ब्यूरो रिपोर्ट 

पश्चिमी चंपारण जिले के  मैनाटाड़ प्रखंड में  *मनरेगा* के तहत एक विशाल घोटाले का खुलासा हुआ है। वही                 विशेष जमीनी पड़ताल में सामने आया है कि धरातल पर कार्य शून्य हैं, लेकिन कागजों पर लाखो की बंदरबांट जारी है।



*मामला*

सुखलही पंचायत मे  मनरेगा योजनाओं में भारी पैमाने पर फर्जी हाजिरी भरकर सरकारी धन की लूट की जा रही है। वही

*सुखलहि* पंचायत के 

 *कार्य कोड की बात करें*।

*कार्य कोड*

: 0512008/RC/20719099 

मस्टर रोल: 15059

वर्क का नाम : अशोक प्रसाद के घर से प्रदीप साह के घर तक पीसीसी निर्माण कार्य



*कार्य कोड* :

 0512008/RC/20719096 

मस्टर रोल 14950

वर्क का नाम : अमीरका प्रसाद के घर से बसिस्ट मिश्र के घर तक पीसीसी निर्माण कार्य, जिसमे कभी 27 तो कभी 30 मजदूरों की फर्जी हाजरी बनाई गई है, जबकि धरातल पर ना कोई काम हो रहा था और ना कोई मजदूर काम कर रहे थे।मजदूर का फर्जी हाजरी बन रहा है।

अगर इस पंचायत की  बात करें तो *17/03/2026से 28/03/2026 तक *485* मजदूरो की हाजरी बनाई गई है. जिसमे सिर्फ मजदूर के नाम

पर *1,24,000* लगभग बनता है।

जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे हैरान करने वाले हैं: NMMS ऐप पर फर्जी मजदूरों की हाजिरी फोटो खींचकर अपलोड की जा रही है — वो भी बिना काम कराए! फोटो तो असली है, पर हाजिरी पूरी तरह से फर्जी।



जब हमारी न्यूज़ नाइन टाइम्स  की टीम ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया, तो न तो कार्य स्थल पर मजदूर थे, और न ही कोई कार्य हो रहा था। क्या यह सब कुछ अधिकारियों, और रोजगार सेवकों की मिलीभगत का नतीजा है?अगर बात करे *मैनाटाड़ प्रखंड*  के सुखलहि पंचायत का तो मनरेगा के तहत हुए कार्यों का स्वतंत्र रुप से जांच किया जाय,

 जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता फर्जी हाजिरी में पाई जाए, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।