*गौनाहा प्रखंड के बेलसंडी पंचायत में मनरेगा घोटाले का खुलासा: कागजों पर लाखो की लूट, ज़मीनी हकीकत शून्य!*
न्यूज़ 9 टाइम्स पश्चिमी चंपारण (बिहार) की विशेष रिपोर्ट
बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के गौनाहा प्रखंड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत एक घोटाले का खुलासा हुआ है। वही विशेष जमीनी पड़ताल में सामने आया है कि धरातल पर कार्य नगण्य हैं, लेकिन कागजों पर लाखो की बंदरबांट जारी है।
सूत्रों के हवाले से गौनाहा प्रखंड के बेलसंडी पंचायत में मनरेगा योजनाओं में भारी पैमाने पर फर्जी हाजिरी भरकर सरकारी धन की लूट की जा रही है। उदाहरण के लिए:
*बेलसंडी पंचायत* के कार्य कोड के बात करे तो।
*0512007010/IC/20569112*
कार्य का नाम : ग्राम मटिहानी मे दोन कैनाल से शिवनाथ महतो के खेत तक लघु नहर की सफाई कार्य जिसका मस्टर रोल *11151*है
NMMS* ऐप बना घोटाले का डिजिटल हथियार!
जहाँ सरकार तकनीक के सहारे पारदर्शिता लाने की कोशिश कर रही है, वहीं भ्रष्टाचारी उसी तकनीक का दुरुपयोग कर रहे हैं। इस योजना मे बिना काम किए घर पर ही मजदूरों की हाजिरी फोटो खींचकर अपलोड की जा रही है, फोटो तो असली है, पर हाजिरी पूरी तरह से फर्जी।
रोजगार सेवक और अधिकारी चुप क्यों हैं?
जब हमारी न्यूज़ 9टाइम्स की टीम ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया, तो न तो कार्य स्थल पर मजदूर थे और न कोई कार्य हो रहा था। क्या यह सब कुछ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और रोजगार सेवकों की मिलीभगत का नतीजा है? गौनाहा प्रखंड में मनरेगा के तहत हुए कार्यों का स्वतंत्र सामाजिक अंकेक्षण कराया जाए।वही जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता फर्जी हाजिरी में पाई जाए, उनके खिलाफ करवाई की जाए।
NMMS ऐप के डेटा की एक स्वतंत्र और वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जाए।
गरीबों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वालों को अब बख्शा नहीं जाना चाहिए। यदि जिला प्रशासन अब भी चुप रहा, तो यह सबसे बड़ी रोजगार योजना सिर्फ कागजों की योजना बनकर रह जाएगी।
न्यूज़ नाइन टाइम्स टीम की विशेष रिपोर्ट।




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