ठकराहा में पंचायत समिति की बैठक में उठे स्वास्थ्य व्यवस्था एवं जनसमस्याओं के गंभीर मुद्दे
न्यूज़ 9 टाइम्स बगहा अनुमंडल के गंडक पार से मनोज यादव की रिपोर्ट :
ठकराहा प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में मंगलवार को पंचायत समिति की सामान्य बैठक आयोजित हुई, जिसमें जनप्रतिनिधियों ने प्रखंड की व्यवस्था और मूलभूत सेवाओं की बदहाली पर खुलकर नाराजगी जताई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख ने की, जहां बिडीओ, सीओ, बीपीआरओ, एमओ, मनरेगा पीओ, बीएओ, स्वास्थ्य विभाग के कर्मी तथा सभी पंचायतों के मुखिया और पंचायत समिति सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनबाड़ी, सड़क और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई और कुछ प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित भी किए गए।
-- सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर तीखी आपत्ति :
बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा ठकराहा अस्पताल की स्थिति रही। सदस्यों ने आरोप लगाते हुए कहा कि
सरकारी अस्पताल के डॉक्टर नियमित रूप से ड्यूटी नहीं करते और निजी क्लीनिक में अधिक समय देते हैं।
प्रतिनिधियों ने अस्पताल में दवाइयों, स्टाफ और सेवा व्यवस्था की कमी पर चिंता जताते हुए जल्द सुधार की मांग की।
-- आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली भी रही चर्चा का विषय :
श्रीनगर पंचायत के पंचायत समिति सदस्य ने कहा कि कई आंगनबाड़ी सेविकाएं केंद्रों में नियमित उपस्थिति नहीं देतीं और पोषाहार वितरण में अनियमितता है। उन्होंने कहा कि
कागजों पर बच्चे मौजूद रहते हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके बिल्कुल उलट है।
सड़क व पीडीएस व्यवस्था पर भी उठे सवाल
धुमनगर पंचायत के मुखिया ने खराब सड़कों के निर्माण की मांग उठाई। वहीं मोतीपुर पंचायत समिति सदस्य ने विद्यालय की जमीन पर अतिक्रमण हटाने की मांग की, जिस पर सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
धुमनगर के पंचायत समिति सदस्य ने अपने क्षेत्र में बंद पड़े पीडीएस दुकान को अन्य डीलर को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव रखा, ताकि लाभुकों को समय पर राशन मिल सके।
-- अधिकारियों ने दी विभागीय योजनाओं की जानकारी :
मनरेगा पीओ ने कहा 15,000 जॉब कार्ड धारकों का KYC अनिवार्य है विशेष अभियान चलाकर इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा |
एमओ ने राशन कार्ड धारकों का KYC जल्द पूरा करने की अपील।
बीएओ ने बिहार कृषि ऐप और रेडियो ऐप का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया |
बीपीआरओ ने बताया की जिन पंचायतों में सरकार भवन है, वहां विवाह भवन निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं।
बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि आगामी दिनों में प्रशासनिक निगरानी के साथ जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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